नागपूर :रिपब्लिक फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष सागर डबरासे नेतृत्व मे म.रा.र.वि.म.(MSRDC) विकास महामंडल के प्रबंध निदेशक (M.D.) को, अधीक्षक अभियंता म.रा.र.वि.म. नागपुर के माध्यम से एक निवेदन प्रस्तुत किया गया।

इस अवसर पर अतुल शेंडे, अमित तायडे, अनिल बोरडे, निरूपाल वानखड़े, शरद दंडाळे, अरविंद कारेमोरे, निलेश खडसन तथा अर्पित बागडे उपस्थित थे।
निवेदन के माध्यम से बताया गया कि म.रा.र.वि.म. के अंतर्गत नागपुर शहर तथा उससे जुड़े कुल 5 टोल नाके वर्ष 2003 से संचालित हैं, जिससे नागपुर शहर एवं आसपास के क्षेत्र की जनता को काफी परेशानी हो रही है।
टोल नाकों के निर्माण के बाद, उनके अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में यदि किसी व्यक्ति का दुर्घटना हो जाती है, तो उसे अस्पताल पहुंचाने के लिए एम्बुलेंस की आवश्यकता होती है, लेकिन इन टोल नाकों पर एक भी एम्बुलेंस की व्यवस्था उपलब्ध नहीं है। इतना ही नहीं, यहां प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है।
इसके अलावा, पीने के लिए स्वच्छ पानी और शौचालय की व्यवस्था भी होनी चाहिए, लेकिन ऐसी कोई सुविधा यहां मौजूद नहीं है।
टोल नाकों पर कार्यरत कर्मचारियों का पुलिस वेरिफिकेशन होना चाहिए, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे आपराधिक प्रवृत्ति के न हों। लेकिन अधिकांश टोल नाके दबंग और आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों द्वारा संचालित किए जा रहे हैं, जिसके कारण कई बार यात्रियों के साथ मारपीट और अभद्र व्यवहार की घटनाएं सामने आती हैं।
टोल कर्मचारियों के लिए यूनिफॉर्म अनिवार्य है, जिससे आम जनता उनकी पहचान कर सके, लेकिन यहां अधिकांश कर्मचारी बिना यूनिफॉर्म के नजर आते हैं, जिससे उनकी वैधता पर सवाल उठता है।
इन सभी समस्याओं के चलते, वर्ष 2003 से अब तक लगभग 350 करोड़ रुपये की वसूली आम जनता से की जा चुकी है, जिसे लूट बताया गया है।
अतः मांग की गई है कि शहर और उससे जुड़े सभी टोल नाकों को तत्काल बंद किया जाए, अन्यथा इस मामले को न्यायालय में ले जाया जाएगा।

